Saturday, March 8, 2014

"Gogh Mein Chand" Enthralls Audiences ( Movie Review)



मिथिलामे मैथिली फ़िल्म निर्माणकें एकटा सफ़ल उद्योगक रुपमें विकसित करबाक यथेष्ट प्रयास बहुत पहिनेसंहि कयल जा रहल अछि । मुदा दुखक बात जे एखनो धरि मैथिली सिनेमा उद्योगक रुपमें स्थापित नहिं भS पाबि सकल अछि। मैथिली सिनेमासं जुड़ल लोकक मानि त एकर मुख्य कारण हॉलक समस्या रहल अछि। तकर बावजूदो फ़िल्म बनेनाहिरक कोनो कमीं नहिं। एहने फ़िल्म निर्माता आ निर्देशक उदय राज जी अपन पहिल मैथिली फ़िल्म "घोघ में चाँद" लS S अयलाह अछि। फ़िल्म निर्माण पूर्व कलाकारक चयनमे हुनक अथक प्रयास आ श्रम अति प्रशंसनीय छल। दरभंगा, पटना, कोलकाता , दिल्ली आदि  शहरमे ऑडिशनक बाद कलाकारक चयन कएल गेल छल। 

" घोघ में चाँद"क ऑडियो सीडीक लोकार्पणक बाद 14 फ़रवरी 2014के दरभंगा स्थित मूवी प्लेनेटमें फ़िल्मक यथासमय सफ़ल प्रदर्शन भेल। एकर प्रदर्शन मैथिली सिनेमा लेल शुभ संकेत मानल जायत अछि। ई फ़िल्म मैथिली फ़िल्मक समक्ष सबसं पैघ समस्या- हॉलक समस्या-केर मिथकके तोड़यमे महत्वपूर्ण भूमिका निभौलक अछि । हॉलमें दर्शकक उपस्थिति एहि बातक द्योतक अछि जे समुचित रुपमें प्रदर्शित फ़िल्म, नीक कथा वस्तु आ अभिनय, सुन्नर गीत संगीत आदि भेला पर मैथिली सिने प्रेमीक संख्या कहियो कम नहिं भए सकैत अछि।बड्ड प्रसन्नताक बात अछि जे ई फ़िल्म एख़न धरि लगभग एक दर्जन सिनेमा हॉलमें लागि चुकल अछि। मूवी प्लेनेट (दरभंगा), जय हनुमान (धेपुरा), सोनी डॉल्बी (झंझारपुर), शंकर टॉकिज  (झंझारपुर बाजार), लक्ष्मी टॉकिज (मधेपुर) के बाद आड़ो सिनेमा हॉलमें फ़िल्म लगेबाक प्रयास कएल जा रहल अछि ।

शारीरिक सौन्दर्यसं बेसी नीक होयत अछि मनक सुन्दरता एहि कथा वस्तु पर आधारित ई फ़िल्म दर्शकके पसीन आबि रहल छनि। फ़िल्म देखला पर लगैत अछि जे ई फ़िल्म हिन्दी फ़िल्म सत्यम शिवम सुन्दरमक ईयाद करा रहल अछि । तकनीकी पक्षके बाट करी त निश्चित रुपे फ़िल्मक तकनीकी भाग कमजोर अछि, एहन कहल जा सकैत अछि। फ़िल्मांकनमे प्रकाश केर समुचित समन्वयनक अभाव आ कथानकमे टूटैत तारतम्यता खटकि रहल अछि। किछु दर्शककें लिप-लॉक दृश्य सेहो नहिं हजम भ रहल छैन। । कम बजटमे बनल एहि फ़िल्मक छायांकन पक्ष सेहो कमजोर अछि। तईयो फ़िल्ममे प्रयुक्त गीत आ संगीतक संग कलाकारक अभिनय फ़िल्मकें बान्हिकS रखने अछि। फ़िल्मक अभिनेत्री मीना गौतम उत्कृष्ट अभिनय केने छथि। मैथिली एलबम आ कैकटा हिन्दी सीरियल कS चुकल अभिनेता रुपक शरारक ई पहिल फ़िल्म छलनि जाहिमे अपन अभिनयक छाप छोड़बामें सफ़ल भेल अछि। मुदा हुनकासं किछु आरो मेहनतिक अपेक्षा कएल जा सकैत अछि। बहुत रास मैथिली फ़िल्ममे अभिनय करबाक दीर्घ अनुभव रखनिहार अभिनेता शुभ नारायण जी अपन भूमिका सं पूर्ण इमानदारी केने छैथ। बड़ा बाबूक भूमिकामें लोकप्रिय रंगकर्मी आ अभिनेता दिनेश मिश्राक अभिनय प्रशंसनीय अछि। मुस्लिम पात्रक रुपमें रंगकर्मी अभिनेता नीलेश दीपक, नवीन चौधरी, रवि खान्डेलवाल, कल्पना मिश्रा आदि अपन प्रभाव छोड़बामे सफ़ल भेल छैथ । 

सुमधुर गीत-संगीत सं सजल एहि फ़िल्मक माध्यमे गायक- संगीतकार पवन नारायण जी लोकप्रियताक एकटा आऒर पौदान पर चढि गेल छथि। सुन्नर आवाज आ संगीतक परिणामस्वरुप, हुनका धराधर कयकटा फ़िल्म भेट रहल छैन। । मुदा किछु दर्शक लोकनिक कहब जे फ़िल्ममे प्रयुक्त कोनो कोनो गीतमें गायकक आवाज फ़टैत लागि रहल अछि। फ़िल्मक समस्त पक्ष पर मैथिली फ़िल्म अकादमीक संयोजक आ लोकप्रिय पत्रकार शशि मोहन जीके मानी तS फ़िल्म आम दर्शकएं सब रुपे नीक मनोरंजन प्रदान करबा मे सफ़ल भेल अछि जकर गवाही खड़ाप मौसमके बादो उमड़ैत भीड़क उपस्थिति दS रहल अछि। हुनक कहब छनि जे डिब्बामे बन्न कयल फ़िल्मक अपेक्षा अधलाहो फ़िल्मक प्रदर्शन नीक बात अछि । कुल मिलाकय ई कहल जा सकैत अछि जे तकनीकी रुपमे किछु त्रुटिके छोड़िकए कम बजटमे फ़िल्म नीक बनल अछि आ मैथिली सिनेमाक पथ प्रशस्त करबामे प्रेरक भूमिका सराहनीय ढंगसं निभा रहल अछि। ई फ़िल्म अहू रुपमे उल्लेखनीय अछि जे एक संगे लगभग एक दर्जनसं बेसी सिनेमा हॉलमे प्रदर्शित कएल गेल अछि । "घोघ मे चॉंद"के फ़िल्म बनेबाक इच्छुक फ़िल्मकारो लेल एकटा अहम प्रेरक तत्वके रुपमे देखल जा रहल अछि। आब ई फ़िल्म झंझारपुर, फ़ुलपरास, बिरौल, कुशेश्वर स्थान आदिमे सेहो जल्दिये प्रदर्शित हायत।  
फ़िल्मक यथासमय प्रदर्शन मैथिली फ़िल्मकारके एख़न धरि डिब्बामें बन्न बहुत रास फ़िल्म अछि। आब समय आबि गेल अछि, ओहि फ़िल्म सबके हॉल धरि आनू। दर्शक भेटबे करत।- भास्कर झा



2 comments:

  1. जी हाँ - सरसरी निगाह सौं देखलहुँ - पसंदे टा नहि, बल्कि मोन खुशी सौं झूमि उठल, आ ओही उद्बेग में जे भाव आयल - से लिखी रहल छी - जतेक रास मैथिली फ़िल्म अपने देखेलहुँ अछि- ओकरा सभ के (अगर टीवी चैनेल पर देबा में कोन हरजा)- कृपया अन्यथा नहि लेल जेतैक - एही आशाक संग....

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