मैथिली सिनेमाके नव
दिशा देनिहार लोकनिमें अभिजीत सिंहक योगदान प्रशंसनीय अछि । मूल रुपसं मधुबनी जिला
अन्तर्गत बासोपट्टी प्रखंड केर नगबास गामक रहनिहार अभिजीत जी कयकटा हिन्दी सीरियलमें काज करबाक संग संग हिन्दी
फ़िल्ममें निर्देशन सहयोग आ मैथिलीमें फ़िल्मक निर्देशन कय चुकल छैथ।
अभिजीत जीक फ़िल्मी यात्रा अभिनय सं प्रारंभ भेल छलैन आ अभिनेताक रुपमें कयकटा
सीरियलमें काज कयलनि। विजय आनन्द साहब (देवानन्द जीक भाय)क संग करण राजदान द्वारा
निर्देशितत तथा डीडी-2 पर प्रसारित “तहकिकात”, शरद कपूरक संग जीटीवीक सीरियल “ चाहत
और नफ़रत”, चन्द्रचूर सिंहक संग डीडी-1 पर प्रसारित “ आंख़ें”, विरेन्द्र सिंह सुगंधाक
संग डीडी-1 केर “ प्रेम सुधा”, डीडी-1 पर प्रसारित रमण कुमार निर्देशित धारावाहिक “
दीवार” एवं यूनिसेफ़ के लेल प्रकाश झा द्वारा निर्देशित आओर रजत कपूर एवं शिल्पा
शिरोडकर अभिनित टेलीफ़िल्म में अभिनय कयलनि। मुदा अभिनय क्षेत्रमें अभिजीत जीके
ओतेक सफ़लता नहिं भेटलनि। परिणामस्वरुप, बादमें निर्देशनक क्षेत्रमें अग्रसर भेलैथ
आ सुपर हिट हिन्दी फ़िल्म “ दामिनी” आ ”घातक”में
दिलीप शुक्ला आ राज कुमार संतोषी जीक, “मोहरा”में राजीव रायक, “दिव्यशक्ति”में
समीर मल्कानक आ “ जिद्दी” एवं “ एलान”में गुड्डु धनोआक सहयोगी निर्देशक भूमिकाक
निर्वहन कयलनि। हिनक होम प्रोडक्शनमें भोजपुरी एलबम “ परदेशिया” आ हिन्दीमें 1894
सं 1960 धरि भारतीय सिनेमा पर डॉक्यूमेन्टरी “ परिचय” निकलल छल।
हिन्दी सीरियल, हिन्दी फ़िल्म आदिमें अभिनय आ सहयोगात्मक निर्देशन केर उपरान्त,
अभिजीत जी अपन मातृभाषाक प्रति किछु योगदान देबाय लेल उत्साहित भेलाह आ मैथिल
फ़िल्म “ दुलरुआ बाबू”क सफ़ल निर्देशन केलनि। “दुलरुआ बाबू”में काज केनिहार लगभग सब
कलाकार मिथिलेके छलैथ। फ़िल्मक सबटा शूटिंग आरंभ सं समापन धरि मिथिलेमें भेल छल। मैथिली
सिनेमाक इतिहासमें “दुलरुआ बाबू” पहिल सिनेमास्कोप फ़िल्म अछि।
अभिजीत जी जल्दिये बड़का बड़का स्टारक संग एकटा हिन्दी फ़िल्मक निर्देशन करय जा
रहल छैथ। संगहि ओ एकटा आओर मैथिली फ़िल्म “ घटकैती”केर निर्देशन कय रहल छैथ जाहिमें अभिनय कय रहल छैथ।
अपन जिनगीमें अध्यात्मिक प्रवृति के व्यक्ति अभिजीत जीकें सामाजिक गतिविधिमें
बड्ड रास रुचि छैन आ अपन मातॄभूमि आ मातॄभाषाक उन्नतिके लेल बहुत किछु करयके अभिलाषी
छैथ आ एहि लेल शनै शनै किछु ने किछु करैत रहल अछि।




