Showing posts with label Filmy News. Show all posts
Showing posts with label Filmy News. Show all posts

Monday, June 8, 2020

Critically Acclaimed Maithili Film Gaamak Ghar: A New Revolution

                               गामक घर आ अचल मिश्रा

अचल मिश्रा एकटा फिल्म बनेलनि अछि - "गामक घर"। फिल्मके नामस स्पष्ट अछि जे फिल्म गाम- घरके कहानी अछि।गामक घर मात्र गामक घर के कहानी नय अछि । घर के कहानी आ कहानी में नुकाएल काव्य क कहानी अछि।फिल्म निर्देशक के निजी जीवन के Memoir अछिजे फिल्म देखबाक अभ्यास अछि लोक के ओहि स बहुत अलग Celluliod पर फ्रेम दर फ्रेम कविता जेना।

कहानी Capture करैत अइछ करीब तीन दशक के समय ,तीन दशक के समय में गाम आ गामक घर के बदलैत स्वरूप आ गतिविधि ,गामक घर में रहय लोक वला के संबध आ संबंध में परिवर्तन।जेना संगीतक राग या scale के निश्चित स्वर होय छै आ सामान्य रूप में राग गाबैत या बजाबैत काल ओहि स्वर सँ अलग स्वर नय लगाएल जाय छै गामक घर फिल्म मात्र गामक घर के मात्र मधुर स्मृति आ स्वर ल के बनल राग सन फिल्म छै जै में गाम आ गामक घर के सब मधुर स्वर मात्र लेल गेल छै आ तिक्त आ विवाद वला स्वर सब छोड़ि देल गेल छै एहन जरूरी छलै नय त फिल्म के शांत कविता वल भाव विलुप्त भ जाइतै।

गामक घर Capture करैय छै मिथिला के मध्यम वर्गीय परिवार के संयुक्त स nuclear हेबाक कहानी|

आर्थिक सुख लेल गामक घर स पलायन के कहानी।गामक घर के बसल घर सँ छुट्टी के घर आ फेर सामाजिक औपचारिकता मात्र के प्रयोजन स्थान हेबाक कहानी।गामक घर मौन ठाढ अइछ पूरा फिल्म में आ देख रहल अइछ अपन भीतर आ गामक के बदलैत दृश्य आ ओकर कहानी।

पहिल भाग में परिवार जुटल अइछ नव शिशु के जन्मक उत्सव लेल।एक परिवार में अलग -अलग परिवार के जन्म भ गेल अइछ,ओहि अलग परिवार सब के जोड़ै वला डोर दादी उपस्थित छैथ गामक घर में ,गामक घर जुआनी स प्रौढ अवस्था दिस बढि रहल अइछ।गामक घर के लोक अखन गामक घर स दूर त भ रहल छैथ लेकिन बेसी काल दूर नय रहि पाबै छैथ।बसल घर ओकर इतिहास होब जा रहल छै, गामक घर शांत देख रहल अइछ भीतर के गतिविधि आ गितविधि के उपरांतक मौन।

दोसर भाग में गामक घर आब छुट्टी के घर भ गेल अइछ जतऽ लोक दीवाली आ छइठ लेल आबैय छै।दू-चारि दिनक चहल-पहल आ फेर वएह अनंत मौन। एक परिवारक अलग परिवार आब स्पष्ट अलग परिवार बनि गेल अइछ।गामक घर के लोक आब दोसर घर में बसि गेल छैथ लेकिन हुनका अखनो गामक घर के याइद आबि जाय छैन। गामक ,घर फेर वएह मौन शांत..... हवा के संगीत।

तेसर भाग में गामक घर आब बुढ भ गेल अइछ,आब एतऽ साल क दू-चारि दिनक चहल-पहल पुरान बात भ गेल अइछ।गामक घर के लोक शायद आब अपन दोसर घर में पूर्णतया बसि गेल छैथ।नव पीढी के लेल गामक घर दोसर घर छैन।गामक घर आब बस एक संपत्ति छै जकर देखभाल लेल बस जरूरी छै एकटा रखबार।आब गामक घर मात्र गोसाउन लेल आबै के प्रयोजन ।

अंत में गामक देह के जीर्ण भेल देह के तोड़ल जाइत अइछ नव शरीर देबाक लेल शायद गामक घर फेर जीबि पाबै नव देह में।


गामक घर के परिवेश आ भाषा मैथिली अइछ त गामक घर के मैथिली फिल्म कहल जा सकैत अइछ लेकिन गामक घर मात्र मैथिली फिल्म नय अइछ गामक घर के प्रमुख भाषा Scenic Language(दृश्यात्मक भाषा )छै,विश्व के कोनो कोनक व्यक्ति एहि फिल्म स relate क सकैत अइछ।जे एक घर सँ दोसर घर में जाक बसल होय,जे एक परिवार स अलग परिवार बसेने होय।गामक घर पूरा विश्व के फिल्म छै।

गामक घर के शक्ति ओकर Cinematography (दृश्यांकन)आ Background sound (नेपथ्य ध्वनि)छै।एक -एक दृश्य हृदय में ओहि दृश्य स जुड़ल भाव उत्पन्न करत।गामक घर के सब दृश्य प्रमुख दृश्य छै कोनो एक दृश्य को चर्चा पर्याप्त नय तैय्यो किछ दृश्यों उल्लेख क रहल छी,.....

पहिल भाग-

पीपरक गाछ आ नेपथ्य में अकास,पीपरक गाछ आ रस्ता,दालान,दहीक मटकूरी,पाकै लेल पाल पर देल आम स भरल कोठरी,घरक भीतर महिला सब क गतिविधि क परिचयात्मक दृश्य,पहिरबाक -ओढबाक दृश्य,बरखा,आमक गाछी,सूखल धार,गाछी के अंतक दृश्य ,दलान पर सुतल परिवारक लोक,फैमिली फोटोक दृश्य,फ़िल्म देखबाक दृश्य,अकासक मेघ,गामक घर के दूर स लेल फ़ोटो,बरखा में भीजैत तुलसी चौरा,ओसारा क सुन्न पलंग

दोसर भाग- 

कासक बोन आ दूर पीपरक गाछ, पीपरक गाछ के बैकग्राउंड में जाइए रेलगाड़ी,गामक घर क पाछू बनैत दोमहला,जाड़क मद्धिम रौद में ठाढ तुलसी चौरा,स्वेटर बुनैत कनियॉं,दादी आ गामक बुरही, सुंदर वस्त्र पहिरने भौजी आ उजरल रूप में विधवा ननैद ,विधवा ननैदक मलिन मुस्की,दूर-दूर बैसल खाइत दू भैय्यारी,छत के दृश्य,दालान पर ठाढ राजदूत मोटरसाइकिल,छइठ घाट,सॉंझ आ भोरक अर्घ्य ,ओसारा पर बैसल परिवार,कोठरी में बैसल वर आ कनियाँ,गामक घर के उपर जनमैत गाछ,छत पर अलग परिवारक फ़ोटो,दलान पर गप करैत कक्का भतीजा,ओसारा पर राखल खाली कुर्सी,गामक घर के बदरंग देवाल,सुन्न दलान,दलान पर आबैत रिक्शा ,घरक लोक के रिक्शा पर बैसक जेबाक दृश्य ,सुन्न ओसारा पर बैसल गौरैया 

तेसर भाग

धुँध में ठाढ पत्रहीन नग्न गाछ,धुँध में बंसबैऽर,नोनी पड़ल देवाल,ओसारा पर बैसल घरक रखबार,जीर्ण भेल घर आ रंग उड़ला स कारी भेल देवाल ,खिड़की के टूटल पल्ला,प्लास्टर उखरल देवाल आ खिड़की केवार,असगर घूर तापैत रखबार,खपरा उतारबाक दृश्य,टूटैत गामक घर,टूटैत घरक देवाल पर बाबाके फ़ोटो

गामक घर में बैकग्राउंड साउंड फिल्म के संगे फ़िल्म के संगे पूर्ण न्याय केने छै आ एक साउंड detailed रूप से capture कैल गेल छै।

बैकग्राउंड म्युजिक जानिक नय कहि रहल छी,किएक त दृ्श्य के सहज साउंड के साज सबहक भीड़ मारि नय रहल छै।गामक जे कोनो आवाज छै चाहे ओ बहुत सुंदर आ सहज प्रयोग भेल छै चाहे बहैत हवा के आवाज हो,चुन मुन्नी के चुनमुन,बच्चा सबहक शोर,कोइली के कूक,टिटिहरी के आवाज,गयए-बकरी के अवाज,सुन्न के आवाज,बरखा के आवाज,मेघक गड़गड़ाहट,बेंगक आवाज,कौआ के आवाज,तेल कड़कड़ेबाक आवाज,कऽलक हैंडल के आवाज,झींगुर के आवाज,शारदा सिन्हा के छइठ गीत,रामबाबू झा के भगवती गीत।साज में गिटार आ कीबोर्ड पर बहुत कोमल घुन छेड़ल गेल छै जे कि गामक साउंड के और निखारि देने छै ,एकर क्रेडिट अंशुमन शर्मा के छैन।

पहिने कहलहुँ जे गामक घर के प्रमुख भाषा दृश्य छै ,फिल्म में बहुत कम संवाद छै।जे कि बहुत सहज आ सरल या बोल-चालक मैथिली छै।संवाद एतेक सहज छै जे सिनेमा के संवाद नय लागिक गप-शप बुझाय छै।

गामक घर प्रमुखता स नॉन एक्टर के फिल्म छै,एकरा अचल मिश्रा के जादू कहि सकैय छियैन जे एहन लोक सबसऽ एक्टिंग करेने छैथ जिनकर एक्टिंग स दुरक संबंध नय छैन।प्रोफेशनल एक्टर में अभिनव झा गुड्डु के ,सोनिया झा छोटकी काकी के आ दादी के भूमिका जे केने छैथ उल्लेखनीय अइछ(नाम नय बूझल अइछ)।नॉन एक्टर आ एक्टर के डिफरेंस एक्टिंग स निर्णय असंभव अइछ एतेक सहज अभिनय भेल छै।ओहि सब एक्टर सब सँ क्षमा जिनका हम नय चीन्ह पेलहुँ,अभिनव झा सँ भेंट भेल अइछ,सोनिया झा के नाटक यु ट्युब पर देखने छी,दादी के बारे में अचल कहने रहैथ तें बुझल अइछ नय त कहनाय कठिन जे किओ अभिनय रहल छै आ कोनो फिल्म देख रहल छी।

फिल्म के रूप -सज्जा या ड्रेस कोड अभिनय जेना सहज छै या कहि सकैय छियै जे कोनो ड्रेस कोड नय छै।

दृश्यक रंग बहुत सहज रूप सँ समय के संग बदलैत छै।

फिल्म के बारे मे रोचक बात

फिल्म मे देखाओल घर निर्देशक अचल मिश्रा के अपन गामक घर छैन।फिल्म के पात्र सब अचल के अपन घर सदस्य सब पर मॉडल्ड छै,एकदम निजी अनुभव सब के अचल फिल्म रूप मे परसने छैथ ते शायद एतेक बेसी सहज फिल्म बनल छै।फिल्म के शूटिंग लोकेशन माधोपुर ,दरभंगा जिलाक गाम अइछ जे कि निर्देशक के गाम छैन।

गामक घर MAMI Film Festival2019 (Mumbai Acedamy of Moving image)में प्रदर्शित ,चर्चित आ सराहल गेल फिल्म अइछ।गामक घर के देश बहुत रास अन्य फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित भेल जेना कि Kachzha Niv Indie Film Fest Trivandrum 2019

Art House Asia Kolkata 2019.बहुत रास फिल्म विधा के देश-विदेशक नामचीन लोक गामक घर फिल्म के प्रशंसा क चुकल छैथ।


अचल मिश्रा के जन्म डॉक्टर दंपति प्रेम मिश्रा आ उषा झा के पुत्र छैथ आ हुनकर जन्म मुजफ्फरपुर में 23 September1996 क भेल छैन।पढाई -लिखाई मुख्यत: होली क्रॉस दरभंगा आ जेनेसिस पब्लिक स्कूल नोएडा स केने छैथ।सिनेमा सीखै लेल अचल लंदन किंग्स कॉलेज में एक साल अध्ययन केने छैथ।बच्चे सँ पेंटिग ,फ़ोटोग्राफ़ी के सौख राखैवला अंचल किछु शार्ट फ़िल्म सेहो बनेने छैथ।जे कि यू ट्युब आ अन्य प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध अइछ ।

ई लेख गामक घर फ़िल्म के समीक्षा नय अइछ हम कोनो समीक्षक नय छै,एक दर्शक आ प्रशंसक रूप में हमरा जे देखायल आ बुझायल से लिखल अइछ ।मैथिली में लिखल गामक घर फ़िल्म पर ई पहिल लेख या चर्चा छी।

दुखक बात -गामक घर मैथिली भाषा आ परिवेश पर बनल फ़िल्म के लगभग सब हिंदी आ अंग्रेज़ी समाचार पत्र आ वेब पत्रिका सब स्थान देलक अइछ आ बात केलक अइछ लेकिन अखन धरि एहि मैथिली फ़िल्म के बात मैथिल समाज के बीच उल्लेखनीय रूप सँ कोनो माध्यम में नय भेल अइछ ।मिथिला आ बिहार क इतिहास में मात्र दोसर या तेसर बेर एहन फ़िल्म बनल जे कि गर्व करैय जोगरक अइछ आ जकर परिवेश मिथिला या बिहारक अइछ (आम्रपाली,तीसरी कसम )तकर बारे में ने कतहु कोनो बात भेल ने ,अपन पाय ,मेहनत आ सा समय खर्च क के मैथिल जीवन के जीवंत रूप में विश्व के सामने आनै वला निर्देशक या अभिनेता के कोनो सम्मान देल गेल । ई बेसी दुखद तखन अइछ जखन कि ई फ़िल्म मैथिली नय बुझै वला दर्शक आ फ़िल्म दिग्गज सब के प्रभावित क रहल छैन।मैथिली के कोनो तथाकथित महान साहित्यकार दू शब्द तक नय लिखलैन फ़िल्म के ऊपर लेकिन हुनका सबके झुट्ठे के मैथिलीक बड़ चिंता।मैथिली के तथाकथित पुरोधा पत्रकार ललित नारायण के जखन हम फ़ोन क के रिक्वेस्ट क के फिल्म निर्देशक के इंटरव्यू लेल कहलिएन त हमरा जवाब देलैथ जे जँ हमरा निर्देशक स्वयं अनुरोध करतैथ तखन हम हुनकर इंटरव्यू करबैन ,उल्लेख करी जे अचल मिश्रा के इंटरव्यू प्रायः सब पैघ मीडिया हाउस क चुकल छैन आ मैथिली पत्रकार के दिल्ली सँ नोएडा तक जा के इंटरव्यू में दिक़्क़त ।

गामक घर कतऽ देख सकै छी।

MUBI स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म पर गामक घर फ़िल्म उपलब्ध अइछ ।फ़्री ट्रायल में नि:शुल्क देख सकैय छी।

अंत में निर्देशक अचल मिश्रा के गामक घर फ़िल्म लेल बहुत बधाई ।अहॉं आगु और कहानी कहि सकी मैथिली परिवेश के से आशा राखब आ मैथिली के अलावा सेहो फ़िल्म विधा में अहॉंके ख़ूब सफलता भेटैय ।

सृजन शेखर ‘अज्ञेय 
०६/०६२०२०

Wednesday, January 16, 2019

मैथिली सिनेमाक मकर मिलन समारोह


१५ जनवरी 2019क प्रारम्भ मकरसंक्रान्तिक दिन दही चूरा तिलवा लाई डालना संगे मैथली सिनेमाक भविष्यक नव शुरुआत भेल। बिहार सिने आर्टिस्टअशोसियेशनक तत्वाधानमें आयोजीत "मैथिली सिनेमाक मकर मिलन समारोह" जाहिमे मैथिली सिनेमाक विविध विधा सँ जुड़ल निर्देशक, कलाकार, संगीतकार, टेक्नीशियन अपन उपस्थिति दर्ज केलैथ, जाहिमे BJP भारतीय फिल्म अशोसियेशन प्रकोष्टक राष्ट्रीय अध्यक्ष एवँम अभिनेता श्री फूल सिंह जी, समाजसेवक अभिनेता श्री SC Mishra जी, फ़िल्म प्रेमक बसतक निर्माता वेदानन्द झा जी, सुपरस्टार खलनायक (गजराज) श्री राजीव सिंह, सुपरस्टार सजनाके अँगनामे सोलहसिंगारक हीरो श्री राहुल सिंह जी हीरोइन सुश्री राखी त्रिपाठी, गीतकार S Kumar हिंदी फिल्म निर्देशक श्री शशि वर्मा जी, गायक श्री संजय झा जी, संगीतकार गायक श्री सुनील पवन झा जी सबहक उपस्थित अति गरिमामय बहुत मनोरंजक रहल, सब केओ मैथिली सिनेमाक दसा दिशा उत्थान पर अप्पन अप्पन बहुमूल्य विचार रखलैथ। 


अहि समारोहमे हमरा मैथली सिनेमाक लेल कएल गेल योगदानक लेल लाइफ टाईम अचीवमेंट अवार्ड सँ समानित कएल गेल, तहिलेल हम बिहार फ़िल्म अशोसियेशनक हृदय सँ आभार प्रकट करैत छियैन्ह।


पंगहैतमे वरिष्ठ एडिटर श्री विभूति भूषण जी, प्रसिद्ध अभिनेता श्री लल्लन सिंह, एवँम सुपरस्टार हीरो ललितेश जिक अनुपस्थिति कने खटकल।

अहि कार्यक्रमक आयोजक जे स्वयं एकटा माजल परिपक्व अभिनेता जिनकर शीघ्र रिलीज होम वला श्री मनोज श्रीपति द्वारा निर्देशित फ़िल्म LOVE U दुलहिनक मुख्य खलनायक छथि आ बिहार सिने आर्टिस्टअशोसियेशनक अध्यक्ष श्री अमिय कश्यप जीकेँ आभार एवँम धन्यवाद नहि देवैन्ह तहन ई अपराध होएत, हिनके अथक प्रयास सँ मकर मिलन समारोह सफल भेल आ पहिलबेर मैथिली सिनेकर्मी सबकेँ एक छत्ता तर बैसक मैथिली सिनेमा पर चिंतन मनन विचार विमर्श करवाक सँयोग जुड़ल। श्री अमिय कश्यप जीकेँ पुनः धन्यवाद।

जय मिथिला।







Saturday, January 17, 2015

Half Murder: Music Reviews


मैथिली फ़िल्म "हाफ़ मर्डर": जीवंत-गीत-संगीत



गीत ओ संगीत कोनो फ़िल्मक प्राण तत्व थिक जाहि माध्यमसं हृदयक कोमलता आ भावुकताक अनुभूतिकारावल जायत छैक। संवेदना आ भावना परिमार्जित भएलासं सुखद अनुभूति आ आत्मीय तृप्ति ओ आनन्दक लाभ भेटैत छैक। कहबाक आवश्यकता नहिं जे मैथिली भाषाक मनोरम माधुर्यक कोनो तोड़ नहिं आ जहन एहि सुन्दर भाषा केर गीतकें सुन्दरतम सुर- धुन भेट जाय त' फ़िल्मक कथा-पटकथाक उत्कृष्ट भावाभिनयकें नयनाभिराम सम्मोहनक संग संग श्रवण- संवेदना जागृत भ जायत छैक। किछु एहने तत्व देखबाक आ भाव-माधुर्यक मीठगर चासनी चखबाक आ मधु-मिश्रित बोल सुनबाक भेटल अछि अद्य-प्रदर्शित मैथिली फ़िल्म " हाफ़ मर्डर"मे।

साईंचरण एन्टरटेनमेन्ट प्राइवेट लि द्वारा प्रस्तुत, सत्य घटना पर आधारित फ़िल्म " हाफ़ मर्डर" पारम्परिक विषय-वस्तु जे एखन धरिक फ़िल्मक अहम केन्द्र बिन्दु रहल अछि,सं हटिकए विह्वल प्रेम भावनाक तरंगमे बहकल , भसियायल एक जोड़ा प्रेमीक कथा थिक। फ़िल्मक बहुत रास विशेषतामे सं एकटा प्रमुख विशेषता अछि फ़िल्मक अंग्रेजी नाम जेकि मैथिलक नव आ पुनर्जागरण सोचक प्रतीक बूझना जायछ। एहन साहसपूर्ण डेग उठेबाक लेल निर्माता धन्यवादक पात्र छैथ। दोसर विशेषता, स्टीयरोटाइप कथासं हटि फ़िल्ममें ज्वलन्त मुद्दाक समावेशन। तेसर विशेषता अछि हिन्दी फ़िल्म जगतक पांच गोट प्रख्यात ओ लोकप्रिय गायक ओ गायिकाक फ़िल्ममें एकसंगे सस्वर-निनाद जेकि एकटा एतिहासिक कीर्तिमानक झंडा गाड़ि देलक अछि।

मैथिली गीत संगीतक जानल मानल नाम सुनील पवन जी फ़िल्मक संगीतकार छैथ त डॉ चन्द्रमणि, सियाराम झा सरस, सुनील पवन आ रमानाथ झा , शैलेष झा गीतकार ! "हाफ़ मर्डर" फ़िल्ममें कुल आठ गोट गीतक समावेश कएल गेल अछि जेकि भावनाक विविध छटाक प्रतिनिधित्व क' रहल अछि। ओना त फ़िल्मक शीर्षक गीतकें स्वर देने छैथ कुमार शानू, मुदा सीडीमे पहिल नम्बरक गीतमें रवीन्द्र जैन जीक गावल गीत " जानि नई केक्कर नजरि लगलई" कें स्थान देल अछि। टाइटल गीते जका ईहो गीत हमरा बूझने बैकग्राउन्डेक गीत अछि । गायन नीक लागि रहल अछि मुदा जाहि स्पष्टताक संग श्वरक उदभासन होयबाक चाही तकर किछु अभाव खटकि रहल अछि।

फ़िल्मक सबसं सुन्दरतम आ मधुरतम , कर्णप्रिय गीतमें से एकटा गीत अछि " किये हंसि-हंसिके नयना सं" । प्रसिद्ध गीतकार डॉ चन्द्रमणिक बोलकें अपन स्वर देने छैथ गायकद्वय उदित नारायण आ कविता कृष्णमूर्त्ति । श्रोता पर ई गीत अपन चीरकालीन प्रभाव छोड़यमे सफ़ल बूझना जा रहल अछि। ऑडियो सीडीमें तेसर स्थान पर ऎहि फ़िल्मक टाईटल ट्रेक" केहन जमाना बदलि गेलइयै"कें राखल गेल अछि। कुमार शानूक स्वर प्रेमपरक गीतक लेल उपयुक्त मानल जायत मुदा एहि टाईटल गीतकें गाबि फ़िल्मक प्रति न्याय करबाक भरिसक चेष्टा कयलनि अछि।

" अप्पन सजना पर हमरो गुमान"क कर्णप्रियता गायन ओ संगीत संयोजनक उत्कृष्ट प्रमाण अछि। कविता कृष्णमूर्त्ति ओ सुनिल पवन जीक गायन बड्ड नीक लागि रहल अछि ! एहि प्रियगर गीतक माध्यमे गायक संगीतकार सुनील पवनक " हस्की" स्वर कविताक सुर-स्वरकें नीक टक्कर दैत बूझना जायछ।

वेस्टर्न धुन धुसरित गीत " कहिया तक अहिना , बजाबैत रहू"मे शान केर ओ बात नजरि नहि आबि रहल अछि जाहिलेल ओ लोकप्रिय छैथ। गायनमे जोशक अभाव नहिं, मुदा रटन्त चलन्त मोनोटोनस ट्रैक पर शान केर शान आ सानक तेज नहिं आयल अछि। आरोह- अवरोहक अभाव सबसं ज्यादा खटकि रहल अछि। हुनक गायन दक्षताक पूर्ण सदुपयोग नहिं भेल अछि, ऎहन बूझबामे आबि रहल अछि। वेस्टर्न टाइ गीतक प्रयोग केर परिपाटीकें अपनायब निश्चित रुपें एकटा अभिनव प्रयोग अछि।

फ़िल्ममें एकटा लगनी (गीत)क प्रयोग कएल गेल अछि- " जहिया सं धरती रानी" जाहिमे अपन स्वर देने छैथ मैथिलीक प्रसिद्ध गायक ज्ञानेश्वर जी। गीत नीक बनल अछि मुदा करूणा प्रधान लगनीमें मार्मिकताक किछु कमी खटाकि रहल अछि। किछु स्केलक आयाम-व्यायामक अथवा संगीत संयोजन किछु मध्यम लागल मुदा गीतक प्रारंभमें "रामा हो "आ अन्तमे लेल गेल "शिव हो"क टानसं श्रोता लोकनिककें गीत पसीन आयल। सियाराम झा सरस केर हॄद्यस्पर्शी बोलकें अनमोल बनएबाक चेष्टामें दूबे जीक गायन शैली पसीनगर अछि।

" रंग उड़ैय गुलाल आबि गेल फ़ागुन"मे होलीक मातल मादकता अबस्से होली'क आगमन केर पूर्वाभास करबैत बूझना जायत अछि। मो अजीज अपन गायकीक भांगमें मस्त छैथ। गीतक मध्य कोरसक प्रयोग नीक बुझाइत अछि। जोगिरा अन्दाजके बड्ड सुन्नर प्रयोग भेल अछि। मो अजीजकें संग देबयमें रमानाथ झा आ सुनील पवन प्रभावी छैथ। फ़िल्मक अन्तिम गीत " नयन सं तु नयन मिला" सेहो नीक गीत अछि। विकास झा, राधा पान्डे आ शेलेष झाक सुमधुर स्वर प्रभाव छोड़ि रहल अछि।

कुल मिलाकए, ऑडियो सीडीक आवरण पर किछु अनायास त्रुटि यथा गीतक नाममे वर्तनीक अशुद्धता (नजरी, हंसी-हंसी, नईना, नैइन , नईना आदि), नामक अशुद्धता (रमा नाथ/ Ramanath Jha , चन्द्रमणी, शानु, पांन्डे आदि) के छोड़ि देएलाक बाद एहि फ़िल्मक गीत संगीत पक्ष बड्ड सुन्नर, मधुरगर, प्रियगर, कारगर अछि। समस्त निर्माणी दलक सद्स्यक परिश्रम सार्थक आ फ़लदायी अछि। फ़िल्मक माध्यमें पूर्ण रुपमें नामचीन गायक आ गायिकासं मैथिली गवा एकटा कीर्तिमान स्थापित कएल गेल अछि। संगीतकारकें रुपमें सुनील पवन उदीयमान भेल छैथ। निर्माता-निर्देशक रमानाथ झा'क सुन्नर सोच, सूझ-बूझ, समीचीन निर्णय, गायक-गायिकाक सहज चयन केर प्रतिफ़ल थिक हाफ़ मर्डर आ एकर कर्णप्रिय गीत ओ संगीत ! समस्त टीमकें एक आम समीक्षक दिस सं हार्दिक शुभकामना !


आओर अन्तमे उक्त फ़िल्मक ऑडियो सीडी समीक्षा हेतु पठेबाक लेल सुनील पवन जीकें बहुत बहुत धन्यवाद ! - भास्कर झा
 


Tuesday, December 17, 2013

"Damroo Ustaad" - Maithili Film Set to Gong in February 2014




मैथिली सिनेमाक इतिहासमे “डमरु उस्ताद” भरिसक पहिल फ़ीचर फ़िल्म होयत जेकि एक संग तीन भाषा (मैथिली, भोजपुरी आ नेपाली)मे बनायल गेल अछि। श्री राम जानकी फ़िल्म्स बैनरक अधीन बनल ई फ़िल्म मिथिला संस्कृति, माटि पानिसं ओतप्रोत अछि जाहिमे फ़िल्ममे मिथिला समाजक सब पक्षके समेटबाक एकटा सहज प्रयास कएल गेल अछि । परिवारिक फ़िल्म सिन्दुरदानक बाद, डीडी 1 सं21 बर्खसं जुड़ल स्थापित लेख़क आ निर्देशक निर्देशक अनूप कुमार जीक ई दोसर निर्देशन छी । सुन्नर ओ आकर्षक स्थान पर फ़िल्मायल गेल ई फ़िल्म पुरुष प्रधान समाजमे अबला नारीक दयनीय स्थिति, त्याग, बलिदान, दया, शक्ति, महत्व आदि पर आधारित अछि। विश्वसनीय सूत्रसं प्राप्त सूचनाक आधार पर “डमरु उस्ताद”क डुगडुग्गी (सिनेमा हॉलमे प्रदर्शन) फ़रबरी 2014में सुनाइ पड़त।


फ़िल्मक कलाकारमे अनिल मिश्रा, नेहा श्री (भंवर, ठोर, साजन चले ससुराल, हमर सौतीनक अभिनेत्री), शुभनारायण झा, कल्पना मिश्रा, विजय मिश्रा, मिस्टी सिंह (खुरलुच्चीक अभिनेत्री), मीना (हमर सौतीनघोघमे चान्द अभिनेत्री), निलेश दीपक (जंगला मंगलाक जंगला), संतोश झा (छूटत नहिं प्रेमक रंगक निर्देशक), स्नेहा (सिन्दुरदानक दोसर लीड अभिनेत्री) आदि प्रमुख छैथ। एहि फ़िल्ममें संगीत दय रहल छैथ लोकप्रिय गायक आ संगीतकार पवन नारायण । 


“डमरु उस्ताद”मे अपन नीक अभिनयसं आह्लादित प्रसिद्ध रंगकर्मी आ अभिनेता शुभ नारायण झा कहैत छैथ “ एहि फ़िल्ममे काज क’ हमरा बड्ड संतुष्टि भेटल अछि। हमरे नहि, शेष सब कलाकार अपन अभिनय, कथानक, चरित्रसं बड्ड संतुष्ट छैथ ।“ फ़िल्मक सब कलाकार अपन अपन चरित्रसं यथोचित न्याय केने छैथ। फ़िल्मक मुख्य विषेषतामे सं एकटा अछि सर्वहारा मैथिल द्वारा बाजल जाय बला मैथिलीक उत्कृष्ट प्रयोग । एखन धरि बनल मैथिली फ़िल्ममे प्रयुक्त भाषा सं हटि एहि फ़िल्ममें एहन भाषाक प्रयोग कएल गेल अछि जेकि मध्य मिथिलाक बाहर बाजल जायत अछि जाहिके माध्यमसं मिथिला समाजके सब वर्गके प्राथमिकता दैत ओकरा जोड़बाक प्रशंसनीय प्रयास कएल गेल अछि। 

फ़िल्ममें अभिनयक अनुरुप ई बात कहयमे कोनो अतिश्योक्ति नहिं जे “डमरु उस्ताद” अनिल मिश्राकें एकटा माजल अभिनेताक रुपमे नव पहिचान देत। सावित्रीक भूमिकामे नेहा श्री बेजोर अछि। आशा कएल जा रहल अछि जे एहि फ़िल्मक सफ़ल प्रदर्शनसं मैथिली सिनेमाक नव रुप देखबाक भेटत। फ़िल्मसं जुरल सब लोकनिके बधाई आ शुभकामना !

Sunday, November 17, 2013

Maithili Film "Prem Pratigya": Promise for Social Equality





विगत किछु समयसं मैथिली सिनेमाक विकासक लेल किछु सजग नवतुरिया आगू आबि रहल अछि। हुनका लोकनिमे अपन भाषा, संस्कृति, कला आदिक प्रति अशेष सम्मान आ असीम प्रेम बुझना जायछ। आई प्रत्येक क्षेत्रमे मैथिल युवा वर्ग किछु ने किछु क रहल छैथ अपन मातॄभाषा आ मात्रृभूमिक लेल । एहने किछु मैथिल युवजन  एकटा मैथिली फ़िल्म ल आबि रहल छैथ जकर नाम अछि प्रेम प्रतिज्ञा” । 

अपन मिथिला फ़िल्म प्रोडक्शनक बैनरके अधीन बनल प्रेम प्रतिज्ञा” मिथिलावासी के अपन घर-आंगन, संस्कृति  आ दर्शकक मांगक धेयानमें रखैत विशेष चहटगर गीत, मधुर संगीत, हंसी मजाक, एक्शनसं भरपूर फ़िल्म अछि। फ़िल्मक निर्माता छैथ निर्माता- ओम शंकर राज आ दीपक चौधरी । युवा निर्देशक चंदन मिश्रा जी द्वारा निर्देशित एहि फ़िल्मक कथा पटकथा आ गीत लिखने छथि दीपक दीवाना आ अनर्जित शर्मा। सुन्नर संगीत देने छैथ शिव मनमोही। फ़िल्मक गीतके अपन मधुर स्वर देने छैथ विकास झा, देवानन्द झा, साक्षी, राधा पाण्डेय, रंजना झा ।

लगभग एक सौ बेसी एलबम कए चुकल लहेरियासरायक  हरिपट्टीक निवासी दीपक दीवाना मुख्य नायक आ पूजा कौशिक मुख्य नायिका छैथ । नवोदित कलाकार में ओमशंकर राज आ पलक। सह कलाकार छैथ गुज्जर रंगीला, ज्ञानी रावत, हीरा देवी, चंदन राय, संजय भंडारी, आ कोमल मिश्रा ।



फ़िल्मक कथा ओहन व्यक्ति के सजग क’ रहल अछि जे बेटाक मोह में आबि बेटा बेटीमे अन्तर क’ बेटी पर घोर अत्याचार, बालिका पर उत्पीड़न करैत छैथ । फ़िल्मक शूटिंग मिथिलाक प्रमुख स्थल पर भेल अछि जाहिमे दरभंगा, मधुबनी सहित मुजफ़्फ़रपुर, वैशाली, राजगीर आदि महत्वपूर्ण स्थानक नाम अछि ।

फ़िल्मक विषय-वस्तु, गीत संगीत, प्रभावी अभिनय आदिकए देखैत ई फ़िल्म निश्चित रुपेन मिथिलाक दर्शकक बीच अपन लोकप्रियता हासिल करत। फ़िल्मक अपार सफ़लताकए लेल शुभकामना दैत मिथिला सिनेप्रेमीसं आग्रह जे ओ ई फ़िल्म अवश्य देखैथ।