मैथिली फ़िल्म निर्माणमें आयल अवरोध आब धीरे-धीरे दूर भS रहल अछि जेकि शुभ संकेत मानल जा रहल अछि। विगत किछु समयमें नीक नीक ओ सुन्नर फ़िल्मक निर्माण भेल अछि आ
एखनो भ रहल अछि। एहने फ़िल्ममें एकटा महान परिवारिक आ सामाजिक फ़िल्म हमरा लॊकनिक
बीच आबय के लेल तैयार अछि जकर नाम अछि- “एक चुटकी सिन्दूर” । डी एस एम फ़िल्म्स
इन्टर्नेशल बैनरक तहत बनल फ़िल्म “एक चुटकी सिन्दूर”क निर्देशक श्री रमेश रंजन आ सह
निर्देशक छैथ आनन्द झा आ रतन राहा। रमेश रंजन जीक कथा पर आ रवि दाके संगीत निर्देशनमें
निर्मित एहि फ़िल्मक कलाकार छैथ- हिमांशु झा, अनिल मिश्रा, नम्रता झा, दीपा, रमेश रंजन
, प्रसिद्ध गायक रामसेवक ठाकुर, महेन्द्र लाल कर्ण, पूनम मल्लिक, रत्ना झा, आनन्द
झा, कुणाल ठाकुर , वीरेन्द्र झा, मिथिलेश मिश्रा , अनीत झा, अमोल झा आदि। कुंज बिहारी
मिश्रा, रामबाबू झा,पवन नारायण, जीतेन्द्र पाठक, रंजना झा, मीनू मिश्रा आदि एहि फ़िल्मक
गीतके स्वर देने छैथ।
“एक चुटकी सिन्दूर”क कहानी पुरुष प्रधान मैथिल
समाजमें नारीक स्थिति पर आधारित अछि। नारी केना सुदूर क्षेत्रमें अपन जीनगी बिताबैत
अछि, केना ओ दहेज प्रथाक कुरीतिसं लड़ैत अछि, प्रेम वियाह, विधवा वियाहक नीक पक्ष
राखैत अछि, आ संगहि ओ केना अपन संस्कृतिके बचाबैत अछि- एहि सब किछु अहम मुद्दा पर
केन्द्रित अछि ई फ़िल्म। आशा अछि कि ई फ़िल्म मिथिलामें बड्ड सफ़ल आ चर्चित होयत।

