सिनेमा आ साहित्यकें समाजक दर्पण कहल जायत
अछि। जाहि भाषाक साहित्य जतेक समृद्ध होयत अछि, ओकर सिनेमा (साहित्य आधारित) ओतबे
उत्कृष्ट। मुदा मैथिली साहित्यक विपुलताक बादो एखन धरि, “कन्यादान” जेहन एकाध
फ़िल्म छोड़लाक बाद, साहित्य आधारित फ़िल्म निर्माणक बात सपने रहल अछि। मैथिलीमे आइ
काइल्ह अल्ल बल्ल विषय पर धड़ल्ले सं फ़िल्मक निर्माण कएल जा रहल अछि, जखन कि मैथिलीमे
उत्कृष्ट कथाक कोनो कमी नहिं। एहि बातक
धेयान राखि, युवा फ़िल्म निर्देशक प्रशान्त
नागेन्द्र जी मैथिलीक कथाक शिखर पुरुष राजकमल चौधरी’क ‘ललका पाग’क कथा वस्तु पर आधारित
एकटा सुन्नर स्वच्छ फ़िल्म लाबि रहल अछि जकर नाम अछि “ललका पाग” ।
मैथिलि फ़िल्म “ ललका पाग “ मैथिली संस्कॄतिक महत्ता आ मैथिल स्त्रीक संस्कार, चरित्र आ त्याग पर आधारित पारिवारिक फ़िल्म अछि । फ़िल्ममे मानवीय भावना आ मूल्यक नीक चित्रांकन कएल गेल अछि । एहि फ़िल्मक सूटिंग सम्पूर्ण मिथिला (भारत एवं नेपालक) केर भिन्न भिन्न मनोरम स्थान पर कएल गेल अछि ! फ़िल्मक निर्देशक -प्रशांत नागेन्द्र जनतव देलनि अछि जे एहि फ़िल्ममे उच्च तकनीकक प्रयोग कएल गेल अछि जकर प्रयोग एखन धरि कोनो मैथिली फ़िल्ममे नहिं कएल गेल छल।
फ़िल्ममे
अभिनय कए रहल छैथ नवोदित कलाकार रौशन राज, श्वेता वर्मा, मीना गौतम, प्रसिद्ध रंगकर्मी प्रेमलता मिश्र प्रेम, राम सेवक ठाकुर आदि। फ़िल्मक निर्माता छैथ रत्नेश शाह , मैथिलीक जानल मानल संगीत निर्देशक सीताराम सिंह फ़िल्ममे संगीत द’ रहल छैथ आ गीत लिखने छैथ प्रख्यात नाट्य-निर्देशक एवं
साहित्यकार कुणाल जी । ई फ़िल्म जल्दिये प्रदर्शित होयत।
एहि ठाम ई धेयान जोगगर बात अछि जे बहुत
पहिनेहि प्रसिद्ध नाट्य निर्देशक श्रीकान्त मंडल जीक निर्देशनमे राजकमलक एहि कथा पर आधारित मैथिली फ़िल्म 'ललका पाग'क घोषणा भेल छल। तीन-चारिटा
गीत सेहो बनिक’ तैयार भ’ गेल छल, मुदा ई फ़िल्म किछु कारणवश डिब्बामे बन्न भ’ गेल।
एहि फ़िल्म लेल प्रेमलता मिश्र प्रेम पहिल बेर कॉन्ट्रैक्ट साइन केने ।
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