मिथिला महान, मिथिला
मखानः मैथिली फ़िल्मकें भेटल राष्ट्रीय सम्मान
63म राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कारक घोषणा होयते मातर सगरो
मिथिलामे हर्ष आ उल्लासक वातावरण बनि गेल अछि। कारण मिथिलाक मैथिली-भोजपुरी भाषी
मैथिल सपूत नितिन चन्द्रा द्वारा चम्पारण टाकिज बैनरक अधीन निर्देशित मैथिली फ़िल्म
“मिथिला मखाना हाउस प्राइवेट लिमिटेड”कें बेस्ट फ़िल्म इन मैथिलीक राष्ट्रीय
पुरस्कार देल गेल अछि। फ़िल्ममे क्रान्ति प्रकाश झा, अनुरिता झा, गोपाल पाठक, पंकज
झा, रंगकर्मी प्रेमलता मिश्र प्रेम आदि सहित कैकटा
कलाकार मिथिलेसं लेल गेल अछि। फ़िल्मक शूटिंग
टोरोन्टो, स्विटजरलैण्ड, नेपाल सहित मिथिलाक विभिन्न क्षेत्रमे कएल गेल छल। ई
निचित रुपसं मैथिली सिने प्रेमी लेल आह्लादकारी समाद अछि जे मैथिली सिनेमाके
राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा आ मान्यता भेटल। सबसं गौरवक बात ई थिक जे बिहार आर झारखंडक फ़िल्मक इतिहासमे "मिथिला मखाना" पहिल फ़ीचर फ़िल्म अछि जकराकि राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार भेटल अछि।
एहि फ़िल्म के बारेमे आह्लादित निर्देशक नितिन चन्द्र जी कहैत छैथ-
"मिथिला मखाना प्राईवेट लिमिटेड"
सिर्फ एक फ़िल्म नहीं एक सोच है, जिसमें
हम कुछ सवाल उठाते हैं और उसका जवाब भी देते हैं। सालों से मैथिली क्षेत्र से पलायन करते हुए युवाओं के सामने "मिथिला मखाना प्राईवेट लिमिटेड" एक सन्देश बन के आती है । “
पूर्वमे सेहो मैथिलीमे बनल किछु डॉक्युमेन्टरी फ़िल्म के राष्ट्रीय पुरस्कार भेटल अछि। कोसी समस्या पर
आधारित अरविन्द सिन्हा जीक फ़िल्म “दुई पाटन के बीच में” (1999) जेकि मैथिली आर हिन्दीमे बनल छल, के 47वां नेशनल अवार्ड के
स्वर्णकमलसं पुरस्कृत कएल गेल छल। 53वां राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार के तहत 2005मे बनल प्रवीण कुमार द्वारा निर्देशित “नैना
जोगिन’ के सेहो राष्ट्रीय पुरस्कारके रजतकमल पुरस्कार भेटल छल। एहि फ़िल्मक बेस्ट
एडिटिंग के लेल स्वर्गीय विभूति नाथ झाकें बेस्ट एडिटरके एवार्ड प्रदान कएल गेल छल। विदित हो
जे राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार फीचर तथा गैर
फीचर फिल्म के लेल प्रदान कएल
जायत अछि। मनोज श्रीपति द्वारा निर्देशित मैथिली टेलीफ़िल्म “रक्त तिलक” सेहो अनुशंसित,
प्रशंसित आ पुरस्कृत अछि। - भास्कर झा, मैथिली सिनेवर्ल्ड

