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Sunday, September 30, 2012

Actor Director Murlidhar : Resurrector of Maithili Cinema




मैथिली सिनेमा आ संगीतक क्षेत्रके विस्तॄत केनिहार प्रसिद्ध निर्देशक,नायक, सगीतकार मुरलीधर एकटा सशक्त व्यत्क्तित्वक नाम अछि ! जदि मुरलीधर जी के मैथिली फ़िल्मक उद्धारक कहल जाए त अहि में कोनो अतिशयोक्ति नहिं। मैथिलीक चर्चित फिल्म “सस्ता जिनगी महग सेनुर”क निर्देशक  मुरलीधर मूलरूप सँ मिथिलाक निवासी छथि। भारत सरकारक छात्रवृति सँ 1978 में मुंबई पहुचि पद्म विभूषण पं. .जसराज सँ संगीत सीखे लगलाह आ इप्टा सँ जुरलैथ। बीआर चोपडाक महाभारत मे कृपाचार्य सहित अनेको हिंदी, नेपाली आ मैथिली फ़िल्मक अभिनेता मुरलीधर निर्देशक रूप मे तखन चर्चित भेलाह जखन 1999 मे हिनक कथा-पटकथा, निर्देशन, संगीत आ अभिनयक उत्कृष्टता देखबाक भेटल “ ससता जिनगी महग सेनुर”में ।  हिनक दोसर मैथिली फिल्म “सजना के आँगन मे सोलह सिंगार”के सेहो नीक सफ़लता भेटल अछि । संगीत सीखबाक संगहि मुरलीधर इप्टा सँ सेहो जुडि गेल छलाह। अभिनयक संग संग निर्देशन आ संगीत सं हुनक जुड़ाव बनल रहल । परिणामस्वरुप, मुरलीधर मृतप्राय मैथिली फ़िल्म निर्माण के पुनर्जीवित करय में महत्वपूर्ण भूमिका निभौला।
प्रारंभ मे मुरलीधरक इच्छा पार्श्वगायक बनबाक रहय आर किछु फ़िल्मक लेल पार्श्वगायन केलाह मुदा हिनका अपेक्षित सफलता नहीं भेटलनि आ पुनः संगीतकार बनबा लेल ज़ोगार मे लागि गेलाह। पहिल बेर एकटा नेपाली फिल्म ‘देवकी’क संगीत निर्देशन करैत पुनः हिन्दीक ‘मेम साहेब’, 'यथार्थ’ आदि फ़िल्मक संगीत करबाक अवसर हिनका भेटलनि…आ फेर इप्टाक प्रभावे अभिनय दिस सेहो रुख कयलनि ।

पहिल बेर हिन्दीक ‘नक्सलपंथी’ आ तकर बाद नेपालीक कृष्णा मे बतौर नायक काज कयलनि आ संगहि हिंदी-नेपाली मे अभिनय सँ जुडल रहलाह । मुरलीधरक असली सफ़लता मैथिली फ़िल्म "सस्ता जिनगी महग सेनुर"क सफ़ल निर्देशन ,गायन आ अभिनय सं प्राप्त भेलनि। मिथिला में हरेक लोकक मुंह पर हिनकर नाम रटा गेल।ई बात सर्वविदित अछि कि प्रसिद्ध पार्श्व गायक उदित नारायण झा के मुम्बई लाबय बला व्यक्ति मुरलीधर जी छैथ।
मैथिलक एकटा आर फ़िल्म “आउ पिया हमर नगरी”क प्रारंभिक निर्देशन केलनि मुदा किछु कारणवश मुरलीधर जी ई फ़िल्म छोड़ि देलाह।हिनकर दोसर फिल्म ‘सजना के आँगन मे सोलह सिंगार’ रिलीज भ गेल अछि। अहि फ़िल्मक गीत संगीत कर्णप्रिय अछि। फ़िल्म में मिथिला समाज मे व्याप्त कुरीति सभ फ़िल्मक केंद्र मे अछि मुख्य फोकस विधवा विवाह पर अछि। मुरलीधर जी वर्तमान में एकटा नव फिल्म पर काज कए रहल छथि ।


बयोबृद्ध भाषाविद श्री बाल कृष्ण रुपावासी के कर कमल द्वारा सम्मानित होयत मुरलीधर
पूर्बांचल केर बिराटनगरक रतना होटल केर बैकट हाल मे आयोजित एकटा वृहद कार्यक्रम में मुरलीधर जीके सम्मान कयल गेल अछि । नेपालक मिथिलाक बयोबृद्ध भाषाविद श्री बाल कृष्ण रुपावासी के कर कमल द्वारा मुरलीधर जीके सम्मान प्रदान कयल गेल छल। ई सम्मान समारोह स्थानीय  “न्यू  दृष्टि” दैनिक पत्रिकाक तत्वाधान मे भेल छल। अहि सं पहिने सेहो मैथिली सिनेमामें आ शास्त्रीय संगीतक क्षेत्र में अमूल्य योगदान वास्ते हिनका सम्मान भेटल छल। 
MURLI DHAR WITH HON'BLE HEALTH MINISTER OF BIHAR SHRI ASHWANI CHAUBE DISCUSSING ALL ASPECTS OF DEVELOPMENT OF MAITHILI FILMS. VERY SHORTLY MURLI DHAR WILL BE SUBMITTING HIS REPRESENTAION TO CM OF BIHAR IN THIS REGARD

Wednesday, August 31, 2011

साक्षात्कार : स्‍नेह क परिणाम छी हमर दोसर फिल्‍म : मुरलीधर


थिलीक चर्चित फिल्म “सस्ता जिनगी महग सेनुर”क निर्देशक मुरलीधर मूलरूप सँ मिथिलाक निवासी छथि। भारत सरकारक छात्रवृति सँ 1978 में मुंबई पहुचि पद्म विभूषण पं. जसराज सँ संगीत सीखे लगलाह आ इप्टा सँ जुरलैथ। बीआर चोपडाक महाभारत मे कृपाचार्य सहित अनेको हिंदी,नेपाली आ मैथिली फ़िल्मक अभिनेता मुरलीधर निर्देशक रूप मे तखन चर्चित भेलाह जखन 1999 मे हिनक कथा-पटकथा-अभिनय-संगीत आ निर्देशन मे सस्ता जिनगी महग सेनुर प्रदर्शित भेल। आब हिनक दोसर मैथिलि फिल्म “सजना के आँगन मे सोलह सिंगार” प्रदर्शित होई बाला अछि। एहि सन्दर्भ मे प्रस्‍तुत अछि इ-समाद लेल किसलय कृष्ण संग भेल हुनक गप-सपक मुख्‍य अंश…

प्र.-मुंबई मे संगीत सीखैथ अनायास अभिनय आ निर्देशन दिस कोना भेल अपनेक पदार्पण ?
उ.-संगीत सीखबाक संगहि हम इप्टा सँ सेहो जुडि गेल छलहु आ यैह अभिनय-निर्देशन सँ आगाँ चलिक’
हमर जुडाव बनल….

प्र.-अपने फ़िल्मक प्रायः सभ विधाक काज केने छी…कने विस्तार सँ बताबियौक ईसमादक पाठक लेल…
उ.-जी..प्रारंभ मे हमर इच्छा पार्श्वगायक बनबाक छल…से किछु फ़िल्मक लेल कयबो केलहु…मुदा अपेक्षित
सफलता नहीं भेटल…पुनः संगीतकार बनबा लेल ज़ोगार मे लगलहु…पहिल बेर एकटा नेपाली फिल्म ‘देवकी’
क संगीत निर्देशन करैत पुनः हिन्दीक ‘मेम साहेब’,'यथार्थ’ आदि फ़िल्मक संगीत करबाक अवसर भेटल…आ फेर इप्टाक प्रभवे अभिनय दिस सेहो रुख कयल….

प्र.-पहिल बेर कोन फिल्म मे अभिनय कयलियैक…?
उ.-हिन्दीक ‘नक्सलपंथी’ आ तकर बाद नेपालीक कृष्णा मे बतौर नायक काज कयल आ हिंदी-नेपाली मे अभिनय सँ जुडल रहलहुं…

प्र.-आ सस्ता जिनगी महग सेनुर सँ निर्देशकीय पारी…..?
उ.-(खूब हँसैत) निश्चित…मुदा बड्ड कम लोक कें बुझल छैक जे हम एहि फ़िल्मक आधा निर्माता सेहो छलहु…बालकृष्ण झा आधा पैसा लगेने छलाह….जे से…निश्चित मैथिल दर्शक वर्गक अपार समर्थन भेटलैक…

प्र.-केहेन फायदा भेटल..?.हमर कहबाक तात्पर्य आर्थिक पक्ष सँ जुडल अछि…
उ.-किसलय जी…किछु-टा नहि…मुदा दर्शक जे स्नेह देलनि…तकरे प्रतिफल थीक जे आई हम दोसर फिल्म ‘सजना के आँगन मे सोलह सिंगार’ ल’क’ आबि रहल छी…

प्र.-मुदा एहि बीच मे हम कने ‘आउ पिया हमर नगरी’ दिस आन’ चाहब..जकर ९०% निर्देशन अहाँ कयने छलहुं…मुदा….?
उ.-(बात कटैत) एहि विन्दु पर फेर कहियो गप्प हेतैक….

प्र.-ठीक छै….सजना के आँगन ….के निर्माता के छथि आ कोन विषय-वस्तु पर अछि एकर पटकथा ?
उ.-संदीप झा शिक्षाविद छथि आ कैकटा इंजिनियरींग कॉलेज चला रहल छथि …वैह निर्माण क’ रहल छथि “सजना के आँगन मे सोलह सिंगार” क आ संवाद सेहो वैह लिखने छथि …कथा-पटकथा-संगीत आ निर्देशन हमर अछि…मिथिला समाज मे व्याप्त कुरीति सभ फ़िल्मक केंद्र मे अछि मुख्य फोकस विधवा विवाह पर अछि…..

प्र.-कने गीत-संगीत पर प्रकाश दैतियैक ….
उ.-सियाराम झा सरस आ स्वयं हमर गीत सभ अछि..जकरा उदित नारायण,साधना सरगम,दीपनारायण,इंदु सोनाली,बिनोद गुवार आ हम स्वयं सेहो स्वर देने छी…सरसक पुरान गीत ‘चेत कब्बड्डी …’ नव अंदाज़ मे अछि…

प्र.-अभिनय पक्ष मे के सभ छथि….आ फिल्म कहिया धरि प्रदर्शित हेबाक संभावना अछि…?
उ.-सस्ता जिनगी …क गजराज राजीव सिंह अपन खलनायाकीक दोसर पारी मे छथि…राहुल सिन्हा,राखी त्रिपाठी,तृप्ति नाडकर आदि से अभिनय सशक्त केने छथि आ से त’ दर्शक सेहो कहता….23,सितम्बर,2011 कें फिल्म प्रदर्शित करबाक योजना अछि….

प्र.-अंत मे मैथिली फिल्म उद्योग मे लागल युवा सभ लेल की कहबई अपनें …?
उ.-हम त’ यैह कहबनि जे पहिने सीखू आ तखन एहि क्षेत्र मे आउ आ मैथिली सिनेमा कें समृद्ध करू ….दोयम दर्ज़ा के काज नै करू … एहि सँ नै अहांक भला होयत आ ने मैथिलीक ….दर्शक सँ सेहो कहबनि जे बाज़ार सँ पायरेसी नहि कीनि…ओरिजिनल डिस्क कीनि अपन भाषाक फिल्म उद्योग कें समृद्ध करी …..

प्र-आगाँ की योजना सभ अछि मैथिली फ़िल्मक सन्दर्भ मे…?
उ.-एकटा नव फिल्म पर काज चलि रहल अछि …आगाँ माँ जानकीक इच्छा….

प्र.-अहाँ अपन व्यस्ततम समय मे सँ किछु समय द’ सकलहु ….ताहि लेल हम ईसमाद परिवार दिस सँ हार्दिक आभार प्रकट करैत छी…..
उ.-धन्यवाद…हमहूँ मुरलीधर मैथिलीक पहिल ई-पेपर ईसमाद कें शुभकामना आ धन्यवाद दैत छी…जे हमरा मोन पाडलहुं…