राकेश सिन्हा जी सिनेमा ओ टीवी सीरियलक निर्माणक
क्षेत्रमें प्रसिद्ध निर्माता -निर्देशक के रुप में एकटा स्थापित नाम अछि। मूल रुप
सं मिथिलाक एकटा महत्वपूर्ण स्थल अंग कटिहारक माटिसं उपजल मैथिल प्रतिभा ओ मिथिलाक
सपूत राकेश सिन्हा जी अपन कार्यक बले भारते नहिं अपितु श्रीलंका धरि खूब नाम कमा
रहल अछि। अपन मात्रृभूमि आ मात्रृभाषाके लेल बहुत किछु करबाक आतुर राकेश सिन्हा जी
बहुत रासे प्रोजेक्ट रखने छैथ जेकि समय अयला पर अपन भेटंक झोरा खोलताह। महुआ चैनल के
लेल कयकटा सीरियलक निर्माण एवं निर्देशन केने
छैथ जाहिमें ‘अंखियों के झड़ोखे से”, “घर पहुंचा द देबी मैया”, सजनवा बैरी हो गई हमार”, ‘अल्पना”, “ना निन्ना बिदलरे” आदि किछु नाम अछि ।
मैथिली सिनेमाक उज्जवल भविष्यक एकटा डोर हिनके हाथमें छैन, अवश्ये उम्मीद कयल जेबाक चाही।
राकेश सिन्हा जी वर्ष 2000 में “चेन्नई
टीवी 12”के लेल सिंगापुरमें सीरियल “उरावुगल” सं अपन निर्देशन पारीक प्रारंभ केने
छलैथ राकेश जी सिंगापुर के लेल पहिल मेगा सीरियल “ स्वरांगल” एवं सिरसा टीवी के लेल श्रीलंकाक पहिल मेगा सीरियल
“वसुधा”क निर्देशनक अगुआ छलैथ। भारतमें हुनकर निर्देशनक पारी सन टीवीक लेल बनल
”कृष्णा दासी” सं भेल छल। ई सीरियल अपन समयमें टीवी रेटिंग में टॉप केने छल अहिके
बाद सन टीवीक लेल बनल कयकटा समस्त टॉप रेटेड सफ़ल सीरियल जेना “मंदिरा वसल”,
“रुद्रवीणाई” ”(2004), ”शिवामायम”(2005) आ “तिरुविल्यादल” आ उदया टीवी के लेल बल
सीरियल “स्वाती मुत्थु”क निर्देशन केलैथ।
हुनक निर्देशन में बनल दूटा सिरीयल
“रुद्रवीणाई” ”(2004), आ ”शिवामायम”(2005) के लेल राकेश जीके सर्वश्रेष्ठ टेली निर्देशकक
पुरस्कार भेटल छलैन। अतबेटा नहिं, राकेश जी अपन क्रियेटिविटीक लेल श्रीलंका स्थित
सिरसा टिवीक क्रियेटिव हेड छलैथ आ बादमें बालाजी टेली फ़िल्म्स केर सीरियल ‘पवित्र
रिस्ता”क क्रियेटिव कन्सल्टेंट्क रुपमेंकाज केने छलैथ। वर्तमानमें राकेश जी मीडिया
कम्पनी फ़ाइन फ़ोकसके प्रमुख छैथ जेकि हुनके द्वारा 2008में क्वालिटी टीवी शो के लेल
प्रारंभ कयल गेल छल। सम्प्रति मैथिली में नीक नीक प्रोजेक्ट पर कार्यरत छैथ।- Bhaskar Jha




